स्थान पक्ष के उपरान्त प्रयोग में आने वाले पूर्ववर्ती सर्वसामान्य एकल

 स्थान पक्ष के उपरान्त प्रयोग में आने वाले पूर्ववर्ती सर्वसामान्य एकल

तालिका में उल्लिखित पक्ष परिसूत्र का स्पष्टीकरण कोलन क्लैसिफिकेशन (छठा संस्करण) के प्रथम भाग के पृष्ठ 1.45 में दिया गया है । ये सभी सर्वसामान्य एकल स्थान पक्ष के पूर्व में स्थापित किये जाते हैं और चरमवर्ग (Ultimate class) के पश्चात ही प्रयोग में लाये जा सकते हैं । जैसे Ca भौतिकी की ग्रंथ सूची (Biography of Physics) विज्ञान का इतिहास (History of Science) Q7k Stella at pagaranter (Encyclopaedia of Islam), 0111, 2J64c विलियम शेक्सपीयर शब्दकोश (Concordance to William Shakespeare) V73y7N17 जॉन एफ कनेडी का जीवन और समय (Life and Times john F kannedy) 2m 44,N58 लायब्रेरी हैराल्ड पत्रिका (Library Herald)
उपर्युक्त सभी उदाहरण इस बात का संकेत करते हैं कि ये सभी सर्वसामान्य एकल स्थान पक्ष के पूर्व में स्थापित हैं ओर चरम वर्ग के उपरान्त ही प्रयोग में लाये जाते हैं।
इस श्रेणी में मात्र दो ही सर्वसामान्य एकलों को उल्लेख है। ये इस प्रकार है:| संख्या पद
| | पक्ष परिसूत्र | r | प्रशासनिक प्रतिवेदन(Administration Report) s | आँकड़े (यदि सामयिक हैं)(Statistics)(If periodical) | s[T] इन एकलों का प्रयोग स्थान पक्ष के उपरान्त ही सम्भव है। जैसे – X413.4481r दिल्ली में परिवहन सेवा । (Bus Transport in Delhi) L35:4261N99s 1999 उड़ीसा में मलेरिया के आँकड़े (Statistics of Malaria in Orissa in 1999)

4.1.1.3 केवल कालपक्ष के उपरान्त प्रयोग में आने वाले पूर्ववर्ती सर्वसामान्य एकल |

 कोलन क्लैसिफिकेशन (छठा संस्करण) के वितीय भाग के पृष्ठ 2.6 पर ऐसे 10 सर्वसामान्य एकलों की पहचान की गई है जो इस श्रेणी में आते हैं। ये सर्वसामान्य एकल भी अन्य दो पूर्ववर्ती सर्वसामान्य एकलों की भाँति चरम वर्ग संख्या (Ultimate class number) के पश्चात ही जोड़े जाते हैं। | संख्या पद | s । आँकड़े (छुटपुट) (Statistics) (if stray) । आयोग प्रतिवेदन (Commission Report) सर्वेक्षण (प्रतिवेदन) (Survey) योजना (Plan) t6 मानक (Ideal) स्रोत सामग्री (Source Material) Ha Digihy (Literature) v6 परम्परा (Tradition) V7 पुरातत्व (Archaeology) | पुरालेख (Archive) ये सभी सर्वसामान्य एकल कालपक्ष के उपरान्त ही प्रयोग में लाये जाते हैं | कुछ उदाहरण पर्याप्त होंगे: Y:45.73 ‘N9s
Figures of crime in USA during 1990s T2.44 ‘N51t
Report of the Secondary Education Commission appointed by
the Government of India in 1951 Y31-12:412.4452 Tobacco habits among the rural youths of Uttar Pradesh: ‘N99t4
Findings of a Survey conducted in 1999 2:2.44 ‘N50 N80t5 Thirty Year Library Development Plan for India 1950-1980 234.44 ‘N65t6 UGC standards for University Libraries developed in 1965 V44:51’N47y
Source material of Indian freedom Struggle V45.44 ‘P01 v5
Source documents on Indian Census 2001 V44974, 1:74 ‘Pv6 Tradition of Crown Governance in Nepal brought upto 2001 V44:73 ‘Jv6
Coins and seals of Indians Mughals 2.44g, 9N33 v8 Archives of the Indian Library Association

4.1.2 पश्चवर्ती सर्वसामान्य एकल (Posteriorising Common Isolates)

इस श्रेणी में भी तीन प्रकार के सर्वसामान्य एकलों की परिकल्पना गई है । लेकिन कोलन क्लैसिफिकेशन (छठा संस्करण) के दवितीय भाग के पृष्ठ 2.6 में ‘पश्चवर्ती व्यक्तित्व सर्वसामान्य एकल’ एवं ‘पश्चवर्ती। ऊर्जा सर्वसामान्य एकल’ ही दिये गये हैं । पश्चवर्ती पदार्थ सर्वसामान्य एकलों का उल्लेख कोलन क्लैसिफिकेशन के 7वें संस्करण में विस्तार से किया गया है । 4.1.2.1 पश्चवर्ती ऊर्जा सर्वसामान्य एकल (PCL Energy)
| कोलन क्लैसिफिकेशन (छठा संस्करण) में मात्र 12 पश्चवर्ती ऊर्जा सर्वसामान्य एकलों का उल्लेख है । इनका प्रयोग मुख्य वर्ग व उसके किसी भी पक्ष के साथ ऊर्जा पक्ष के संयोजक चिन्ह कोलन (:) के साथ किया जाता है । इस श्रेणी के सर्वसामान्य एकलों में
Calculating
गणना करना designing
अभिकल्पना measuring
नापना weighing
तोलना investigation
जाँच-पड़ताल करना ;अनुसंधान Observation
पर्यवेक्षण करना
Experiment
प्रयोग करना Discussion
विवेचन criticismम
समालोचन Drafting
पाण्डुलेखन Reporting
प्रतिवेदन करना surveying
सर्वेक्षण करना इन सर्वसामान्य एकलों में बहुत कम ही एकल ऐसे है जिनका प्रयोग खुलकर किया जाता है। g का प्रयोग साहित्य के क्षेत्र में आलोचना एवं समालोचना के लिये बहुतायत से किया जाता है। इसी प्रकार रसायन शास्त्र में 66 का प्रयोग किसी हद तक देखने को मिलता है ।। का प्रयोग किसी भी विषय के अनुसंधान की समस्याओं के लिये किया जाता है। रिपोर्टिंग तकनीक के लिए [ का प्रयोग किया जाता है। कुछ उदाहरण पर्याप्त रहेंगे: O:g
Literacy Cirticism A:f
Research in Science R65, 6:f4
Discussion of Bhagvad Geeta E: f3
Experimentation in Chemistry B93:642: b6
Measuring the Temperature

4.1.2.2. पश्चवर्ती व्यक्तित्व सर्वसामान्य एकल (PCI-Personality)

इस श्रेणी के सर्वसामान्य एकलों का प्रयोग प्रायः स्थान पक्ष के उपरान्त ही जाता है। कोलन क्लैसिफिकेशन के वितीय भाग के पृष्ठ 2.6 में इनके लिए निम्नवत परिसूत्र का प्रावधान किया है। यहाँ C1 का तात्पर्य सर्वसामान्य एकल से है जिसे स्थान पक्ष के बाद लगाया है। ये व्यक्तित्व सर्वसामान्य एकल निम्नवत हैं:
वृति, पेशा (Professional) HEYT (Institution) शैक्षणिक (संस्था) (Education) निम्नस्तरीय शैक्षणिक संस्था (Lower Education Institution) उच्चस्तरीय शैक्षणिक संस्था (Higher Education Institution) अनुसंधान संस्था (Investigation) dereich (Observational Institution) YRITORICT (Experimenting Institution) Padua HF2 (Discussional Institution) विद्वत सभा/संघ (Learned Body) । औद्योगिक संस्था/संघ (Industrial Body) व्यापारिक संस्था/संघ (Commercial Body)
शासकीय प्रशासनिक विभाग (Administration Department of the Government) जैसा कि पहले कहा जा चुका है, ये सभी पश्चवर्ती सर्वसामान्य एकल प्रायः स्थान पक्ष के पश्चात ही प्रयोग में लाये जाते है । इनके प्रयोग के समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि पश्चवर्ती सर्वसामान्य एकल के पूर्व में भी एक कौमा (Coma) दिया जाये और बाद में भी जैसे g, । तत्पश्चात परिसूत्र में दिये प्रावधान के अनुसार आवश्यकतानुसार [P] and [P2] का प्रयोग किया जा सकता है ।
जैसे [P] एवं [P2] का खुलासा कोलन क्लैसिफिकेशन (छठा संस्करण) की पृष्ठ संख्या 1.48 पर किया गया है | यदि संस्था स्थानीय है तो उसके एकल का निर्माण वर्णयुक्ति के द्वारा किया जाना है । और यदि संस्था अस्थानीय है तो उसके [P] एकल का निर्माण Time Isolate तालिका से संस्था के स्थापना वर्ष का अंक लेकर किया जाता है । स्थापना वर्ष के पूर्व में 9 का अंक और जोड़ दिया जाता है । [P2] एवं [E] के एकलों का चयन मुख्यवर्ग इतिहास V के आधार पर किया जाता है । एक उदाहरण के दारा इसे ठीक से समझा जा सकता है । जैसे 2.44,9, 9N33, 1:3 Privileges and power of the president of Indian Association (founded in 1933)
1933 में स्थापित भारतीय पुस्तकालय संघ के अध्यक्ष के अधिकार । 4.2 ग्रंथाक से सम्बंधित सर्वसामान्य एकल| इस श्रेणी में आने वाले सर्वसामान्य एकलों का भी बहुत महत्व है । इनके प्रयोग से पुस्तकों को व्यवस्थित करने में बहुत सहायता मिलती है । 

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