बाल मनोविज्ञान और किशोर मनोविज्ञान : एक तुलनात्मक अध्ययन

बाल मनोविज्ञान और किशोर मनोविज्ञान : एक तुलनात्मक अध्ययन

‘बालक’ और ‘किशोर’ दोनों एकल S विषय की सारणी के व्यक्तित्व पक्ष [P] में, दर्शाये गये हैं। दोनों के मध्य तुलना करने के लिए लघु अक्षर m का प्रयोग & के उपरान्त किया गया है। 4.4 अन्त: पक्ष भेद दशा सम्बंध
भारत के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के अधिकारों में अंतर यहाँ ‘राष्ट्रपति’ और ‘प्रधानमंत्री दोनों ही मुख्य वर्ग V इतिहास के [P2] के एकल हैं। अत: दोनों के मध्य भेद करने के लिए लघु अक्षर n का प्रयोग किया गया है।
4.5 अन्त: पक्ष उपकरण दशा सम्बंध
D3 : 11 & p 81 भवन के ढाँचे का परीक्षण
यहाँ ‘ढाँचा’ और ‘परीक्षण’ दोनों ही ऊर्जा पक्ष में दिये गये हैं । ‘परीक्षण’ का प्रयोग उपकरण के रूप में लघु अक्षर p के द्वारा & के प्रयोग के पश्चात दिखाया गया है ।
4.6 अन्त: पक्ष प्रभाव सम्बंध सिखधर्म पर हिन्दुधर्म का प्रभाव यहाँ ‘हिन्दू धर्म’ और ‘सिखधर्म’ दोनों ही मुख्य वर्ग Qके व्यक्तित्व पक्ष [P] से लिये गये हैं । यद्यपि हिन्दू धर्म का एकल 2 है और सिखधर्म का एकल अंक 8441 है तथापि सिख धर्म को पहले दिया गया है । दिये हुए प्रावधान-के अनुसार प्रभावित होने वाले पक्ष को पहले और प्रभावित करने वाले पक्ष को बाद में दिया जाता है |

5 अन्त: पंक्ति दशा सम्बंध (Intra Array Phase Relation)

जब एक ही पक्ष के दो श्रृंखला एकलों (Chain Isolates) में सम्बन्ध प्रदर्शित किया जाता है तो वह अन्तःपक्ति दशा सम्बन्ध होता है |श्रृंखला एकल अधीनस्थ एकल (Subordinate Isolates) होते है । अंत: पंक्ति दशा सम्बन्ध निम्नलिखित छ: प्रकार के होते हैं: सम्बंध का प्रकार योजक चिन्ह अंतः पंक्ति सामान्य सम्बन्ध अंतः पंक्ति झुकाव सम्बन्ध । &u अंतः पंक्ति तुलना सम्बन्ध अंतः पंक्ति भेद सम्बन्ध | &w अंतः पंक्ति उपकरण सम्बन्ध अंतः पंक्ति प्रभाव सम्बन्ध अंत: पंक्ति दशा सम्बन्ध के उदाहरण |

5.1 अंत: पाल सामान्य सम्बन्ध

a43 & t 6,21 पुस्तकों और पत्रिकाओं की संघ सूची मुख्य वर्ग a Bibliography में [P] पक्ष में पुस्तकों और पत्रिकाओं को क्रमशः 43 एवं 46 एकल अंक प्रदान किये गये हैं । इन दोनों के मध्य सामान्य सम्बंधों को लघु अक्षर । के द्वारा प्रदर्शित किया गया हैं प्रदत्त प्रावधानानुसार 46 में से केवल 6 अंक को ही लिया जायेगा । चूंकि 43 और 46 का स्रोत एकल 4 है अत: दूसरी बारी 4 का प्रयोग नहीं किया जाता ।। 5.2 अन्त: पंक्ति झुकाव दशा सम्बन्ध यहाँ उर्जा पक्ष के वितीय [2E] आवृत्ति में 67 ‘सहायता कार्य’ और 68 ‘दान’ के लिये हैं । चूँकि दोनों एकलों का स्रोत एक ही है ओर यह दोनों एकल एक ही श्रृंखला में से हैं। अत: Y:436:68 का मात्र 8 अंक ही लिया गया है और अंत: पंक्ति झुकाव सम्बंध के प्रावधान का अनुसार & u के प्रयोग द्वारा इस वर्ग संख्या का निर्माण किया गया है ।

5.3 अंत: पंक्ति तुलना दशा सम्बंध

2:51&v5 ग्रंथालय वर्गीकरण एवं सूचीकरण प्रक्रिया- एक तुलनात्मक अध्ययन पुस्तकालय में ऊर्जा [E] में वर्गीकरण को 51 एवं सूचीकरण को 55 के द्वारा दर्शाया गया है । चूंकि दोनो वर्गीकरण एवं एकलों का मूल स्रोत 5 है और एक ही श्रृंखला की दो कड़ियाँ हैं अत: सूचीकरण के लिए प्रदत्त 55 में से केवल बाद वाले 5 का ही प्रयोग किया गया 5.4 अत: पंक्ति भेद दशा सम्बंध Q 323&w6:4 ‘तेरापंथी और तोतापंथी जैन धर्मों के धार्मिक अनुष्ठानों में अन्तर मुख्य वर्ग Q में व्यक्तित्व पक्ष में [P] तेरापंथी जैनियों के लिए 323 और तोतापंथियों के लिए 326 का उल्लेख है । चूँकि दोनों एकल विचारों का स्रोत अंक 32 है अत: तोतापंथ के लिए 326 में से केवल 6 अंक को ही लिया गया है और अंत: पंक्ति सम्बंध दर्शाने वाले &w का प्रयोग किया गया है । 5.5 अंत: पंक्ति उपकरण दशा सम्बंध 2:55&x1 | विषय सूचीकरण में वर्गीकरण की अवधारणा का उपकरण के
रूप में प्रयोग यहाँ मुख्यवर्ग 2 पुस्तकालय विज्ञान के ऊर्जा पक्ष [E] में दिये 51 वर्गीकरण कार प्रयोग विषय सूचीकरण की प्रक्रिया में उपकरण के रूप में प्रयोग किया गया है । चूँकि 55 एवं 51 की श्रृंखला का स्रोत 5 ही है अत: वर्गीकरण एकल 51 में से केवल 1 का ही प्रयोग किया गया है ।

5.6 अंत: पंक्ति प्रभाव दशा सम्बंध

D:22&y8 भूसर्वेक्षण पर हवाई सर्वेक्षण का प्रभाव
मुख्य वर्ग D अभियांत्रिकी के ऊर्जा पक्ष [E] में भूसर्वेक्षण के लिए 22 एवं हवाई सर्वेक्षण के लिए 28 संख्या निर्धारित है । चूँकि इन दोनों एकलों का स्रोत अंक 2 है अत: हवाई सर्वेक्षण के लिये निर्धारित अंक 28 में से केवल 8 का ही प्रयोग किया गया है । इसे & y के साथ जोड़ दिया गया है ।। 6. इयूई ऎसीमल एवं यूनिवर्सल क्लैसिफिकेशन में दशा सम्बन्ध का प्रयोग।
ड्यूई ईसीमल क्लैसिफिकेशन में भी कुछ हद तक दशा सम्बंधों का प्रयोग किया गया है। इस पद्धति के 18वें, 19वें, 20वें और 21वें संस्करण में मानक उपविभाजन तालिका (Table-1) में -024 संख्या का प्रयोग झुकाव सम्बंध को प्रदर्शित करने के लिये किया गया है। | किसी भी मुख्य विषय के साथ -024 का प्रयोग किया जा सकता है । तालिका संख्या 1 में दिये निर्देशानुसार तालिका संख्या 7 (Groups of Persons) से कोई भी संख्या जोड़ी जा सकती है | जैसे: यूनेस्को ऊपर दिये हुए उदाहरणों में :(कोलन) के पहले और बाद की संख्याओं का स्थान बदल दिया गया है । ऐसा करने का विकल्प है । आवश्यकतानुसार विभिन्न पुस्तकालय अपनी नीति के अंतर्गत ऐसा कर सकते हैं । लेकिन कहीं-कहीं इस विकल्प से अव्यवस्था भी उत्पन्न हो सकती है । अतः दुहरे कोलन (::) के प्रयोग से संख्या को का स्थान बदलने का विकल्प समाप्त कर दिया जाता है । जैसे

 इन्टरनेशनल लेबर ऑर्गनायजेशन 

यहाँ :: (दुहरे कोलन) का प्रयोग कर विषयों का क्रम बदलने का विकल्प समाप्त कर दिया गया है । 7. सारांश | इस इकाई में दशा सम्बन्ध को विस्तार से समझाने का प्रयास किया गया है | दशा संबन्धों के तीन स्तर-अन्तविषयी दशा सम्बन्ध, अन्तः पक्ष दशा संबंध एवं अन्तःपक्ति दशा संबन्ध को उदाहरण सहित समझाया गया है | दशमलव वर्गीकरण पद्धति एवं सार्वभौमिक वर्गीकरण पद्धति में दशा संबन्ध के प्रयोग को भी उदाहरण सहित स्पष्ट किया गया है | 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *