पुस्तकालय प्रसूची का पूर्वव्यापी रूपान्तरण (Retrospective Conversion of Library Catalog) से आप क्या समझते है ?

पुस्तकालय प्रसूची का पूर्वव्यापी रूपान्तरण (Retrospective Conversion of Library Catalog) से आप क्या समझते है ? आधुनिक समय में प्रलेखन सेवा का अत्यधिक महत्व है…

स्थान पक्ष के उपरान्त प्रयोग में आने वाले पूर्ववर्ती सर्वसामान्य एकल

 स्थान पक्ष के उपरान्त प्रयोग में आने वाले पूर्ववर्ती सर्वसामान्य एकल तालिका में उल्लिखित पक्ष परिसूत्र का स्पष्टीकरण कोलन क्लैसिफिकेशन (छठा संस्करण) के प्रथम भाग…

रागात्मक एवं संख्यात्मक उपविभाजन (Alphabetical and (non decimal) Numerical Sub-Division)

रागात्मक एवं संख्यात्मक उपविभाजन (Alphabetical and (non decimal) Numerical Sub-Division) भाषा के सर्वसामान्य सहायक (Common Auxiliaries of Languages) देखिये तालिका संख्या(c) रूप के सर्वसामान्य सहायक…

दशा सम्बंधों से आप क्या समझते हैं विबिन्दु वर्गीकरण पद्धति में वर्णित इनके प्रकारों एवं स्तरों का विवेचन किजिए

 दशा सम्बंधों से आप क्या समझते हैं विबिन्दु वर्गीकरण पद्धति में वर्णित इनके प्रकारों एवं स्तरों का विवेचन किजिए अन्त में अभ्यासार्थ प्रश्न एवं विस्तृत…

बाल मनोविज्ञान और किशोर मनोविज्ञान : एक तुलनात्मक अध्ययन

बाल मनोविज्ञान और किशोर मनोविज्ञान : एक तुलनात्मक अध्ययन ‘बालक’ और ‘किशोर’ दोनों एकल S विषय की सारणी के व्यक्तित्व पक्ष [P] में, दर्शाये गये…

इलैक्ट्रॉनिकी [P1] ‘ब्रॉडकास्टिंग’ एवं ‘इलैक्ट्रानिकी’

इलैक्ट्रॉनिकी [P1] ‘ब्रॉडकास्टिंग’ एवं ‘इलैक्ट्रानिकी’  डॉ.एस.आर. रंगनाथन ने इस सिद्धान्त का प्रतिपादन इसीलिये किया था कि किसी विषय से जुड़े ऐसे दो पक्ष जिनका सम्बन्ध…

अन्तिम आवर्तन में पक्षक्रम की अभिधारणा (Postulate of facet Sequence within last round)

अन्तिम आवर्तन में पक्षक्रम की अभिधारणा (Postulate of facet Sequence within last round) यहाँ कपास [P] व्यक्तित्व पक्ष है भूमि [M] पदार्थ पक्ष है, और…

पदार्थ विधि के उदाहरणों को मुख्य वर्ग

पदार्थ विधि के उदाहरणों को मुख्य वर्ग  इतना ही नहीं, मूलभूत श्रेणी [M] पदार्थ में भी अन्य कई परिवर्तन किये गये है। इन्हें क्रमशःपदार्थ गुण…

शिक्षा, अनुसंधान, लेखन एवं पठन-पाठन में जनमानस की असाधारण अभिरूचि

शिक्षा, अनुसंधान, लेखन एवं पठन-पाठन में जनमानस की असाधारण अभिरूचि इसका प्रमुख कारण शिक्षा, अनुसंधान, लेखन एवं पठन-पाठन में जनमानस की असाधारण अभिरूचि रहा है…