कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्या है – ( WHAT IS ARTIFICIAL INTELLIGENCE ? )

दोस्तों आज हम जानेंगे की कृत्रिम बुद्धिमत्ता या AI क्या है. इसे जानना भी बहुत जरुरी है क्योकि आज दुनिया में ARTIFICIAL INTELLIGENCE का महत्व बहुत बढ़ गया है. वर्तमान में इसका इस्तेमाल कार निर्माण,रोबोट निर्माण,कंप्यूटर,फेसबुक, यूट्यूब, मौसम का पूर्वानुमान,कंप्यूटर साइंस,चिकित्सा शास्त्र,स्पेस स्टेशन,वायुयान निर्माण जैसे कार्यो में हो रहा है.

भगवान् ने इंसानों को बहुत ही बेहतरीन चीज दिमाग दिया है, इसी दिमाग का उपयोग कर आज मानव ने नई नई ऊचाईयों को छुआ है, इसे देखकर यही लगता है की दिमाग ही ऐसी चीज है, जिसका इस्तेमाल कर इन्सान कुछ भी हासिल कर सकता है, असंभव को संभव बना सकता है, उदाहरण के तौर पर आज मानव अपने दिमाग का इस्तेमाल कर दुसरे ग्रहों तक पहुच गया है. आज मानव ने कंप्यूटर,फोन,स्पेस क्राफ्ट आदि चीजो का अविष्कार कर लिया है जो की एक बहुत बड़ी उपलब्धि है.

आज मानव ने भगवान् द्वारा दिए दिमाग का उपयोग कर नकली दिमाग बनाने की ओर कदम बढ़ा लिया है. आज मानव कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) बनाने में कामयाबी हासिल कर लिया है. इसे ओर  अधिक विकसित करने के लिए नए नए शोध किये जा रहे है, ताकि मशीनें भी इंसानों की तरह हर एक काम कर सके और निर्णय ले सके.

ARTIFICIAL INTELLIGENCE IN HINDI

कृत्रिम बुद्धिमत्ता एक ऐसा साफ्टवेयर टेक्नोलॉजी प्रोग्राम होता है जिसमे इंसानों की तरह सोचने, समझने,सीखने और निर्णय लेने की क्षमता निहित होती है. ये डाटा या तथ्यों को एकत्रित कर उनका विश्लेषण कर कार्य को अंजाम देता है.

दुसरे शब्दों में यह मशीनों द्वारा प्रदर्शित INTELLIGENCE है. मशीनों को बुद्धिमान बनाने को ही AI नाम दिया गया है.

सरल शब्दों में ARTIFICIAL INTELLIGENCE का अर्थ कृत्रिम तरीके से विकसित की गयी बोद्धिक क्षमता को कहते है.

भारत में अभिनेता रजनीकान्त की फिल्म रोबोट में ARTIFICIAL INTELLIGENCE को देखा और समझा जा सकता है, इसके अलावा कुछ हाँलीवुड फिल्मे स्टार वार,मैट्रिक्स, आई रोबोट,टर्मिनेटर भी इस पर बन चुकी है.

कई बार हम रोबोट को AI समझ लेते है, जबकि रोबोट ऐसा सिस्टम होता है जिसमे AI डाला जाता है.

ARTIFICIAL INTELLIGENCE का आरंभ 1950 के दशक में ही हो गया था, लेकिन इसकी महत्ता को लोकप्रियता 1970 के दशक से मिली. ARTIFICIAL INTELLIGENCE के जनक जाँन मैकार्थी (4 सितम्बर 1927 – 24 अक्टूबर 2011) थे. जो की एक अमेरिकी कंप्यूटर वैज्ञानिक थे.

जापान ने सबसे पहले इस ओर पहल की और 1981 में फिफ्थ जनरेशन नामक योजना की शुरुआत की थी. इसमे सुपर कंप्यूटर के विकास के लिए 10 वर्षीय कार्यक्रम की रूपलेखा प्रस्तुत की गयी थी. इसके बाद अन्य देशों ने भी इस और ध्यान देना शुरू कर दिया था.

ARTIFICIAL INTELLIGENCE भारत में अभी अपनी शैशवावस्था में है और सरकार द्वारा देश के विकास में इसकी संभावनाओं को देखते हुए कई क्षेत्रों में शोध किये जा रहे है.

कृत्रिम बुद्धिमत्ता के फायदे- ADVANTAGE OF ARTIFICIAL INTELLIGENCE

  • जिन कार्यों को करने में मानव को महीनों लग जाते है,उन कार्यो को AI मशीनों की मदद से बहुत ही कम समय में कर दिया जाता है.
  • कई कार्य ऐसे होते है जिन्हें हम करना चाहते है लेकिन उन कामों को करने में जोखिम ज्यादा होता है और इंसानों के लिए खतरनाक भी होते है, ऐसे कामों को हम AI मशीनों की मदद से आसानी से कर सकते है.
  • AI का इस्तेमाल हमारे रोजमर्रा के कार्यो में भी होते है, AI हमारे मोबाइल,कार और कंप्यूटर में भी होते है,लिखते समय की-बोर्ड हमारी गलतियों को सुधारता और सही शब्दों का विकल्प भी हमें देता है. इसके अलावा हम लम्बी दुरी की यात्रा करते समय रास्ता खोजने और ट्रेकिंग के लिए GPS सिस्टम का इस्तेमाल करते हैं .
  • स्मार्ट कार्ड सिस्टम में भी AI तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है.
  • वित्तीय संस्थानों और बैंकिंग क्षेत्रों में डाटा को व्यवस्थित और प्रबंधित करने के लिए AI का इस्तेमाल किया जाता हैं.
  • AI तकनीक का इस्तेमाल करके हम वर्षा होने का एक निश्चित समय ज्ञात कर सकते है.
  • सिचाई के लिए किस भूमि पर जल की कितनी मात्र खर्च करनी है, इसे भी ज्ञात कर हम जल के अपव्यय को रोक सकते है.
  • AI बड़े-बड़े शोध संस्थाओं में डाटा के गणना करने में सहायक है.
  • AI तकनीक का इस्तेमाल चिकित्सा क्षेत्र में दवाओं के साइड इफेक्ट का पता लगाने में, एक्सरे रीडिंग करना,जाँच,बीमारी का पता लगाने में, आपरेशन जेसे कार्यो में भी किया जाता है.
  • AI तकनीक की मदद से अन्तरिक्ष अन्वेषण सफलतापूर्वक किये जा सकते है.
  • AI तकनीक प्रोग्रामिंग निर्देशानुसार कार्य करता है जिससे त्रुटियों की संभावना शून्य होती है. अत: इसका इस्तेमाल कर ड्राइवरलेस वाहन बनाये जा सकते है ,जो की सड़क दुर्घटनाओं जैसी समस्यायों के लिए उपयुक्त समाधान हो सकता है.

 

कृत्रिम बुद्धिमत्ता के नुकसान – (DISADVANTAGE OF ARTIFICIAL INTELLIGENCE)

  • AI तकनीक का कारखानों,बेंकों आदि जगहों में बढ़ते हुए प्रयोग से सबसे ज्यादा नुकसान युवाओ को होगा, जब अधिकांश कार्य मशीनों द्वारा होने लगेगा तो इससे बेरोजगारी की दर काफी अधिक हो जाएगी.
  • AI मशीनों के निर्माण के लिए भारी लागत की जरुरत होती है,और इसे किसी भी जगह लगाना बहुत महंगा साबित होता है. इन मशीनों के ख़राब होने पर इसे आसानी से सुधारा नही जा सकता है, और इनका रखरखाव भी बहुत खर्चीला होता है. इन मशीनों के सॉफ्टवेयर को बार बार बदलने की भी आवश्यकता होती है.
  • AI मशीनों की मदद से हम नई डिजाईन और नई चीजों की रचना आसानी से कर सकते है. हो सकता है की इनका व्यापक प्रयोग से हम पूरी तरह से इन मशीनों पर ही निर्भर हो जाये. इस बात की पूरी सम्भावना है की हम काम को जल्दी और आसानी से करने के इरादे से इन मशीनो पर ही निर्भर होकर हम आलसी हो जाये और अपनी रचनात्मक शक्ति खो बेठें.

 

 

 

 

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