विचार को अवचेतन मस्तिस्क में भेजने पर चर्चा! – SarkariJobHub.Com

एक प्रोटेस्टेंट मंत्री जिसे मैं दक्षिण अफ्रीका (जोहन्सबर्ग) में जानता था, ने मुझे बताया कि किस तरीके से वह अपने उत्तम स्वास्थ्य के विचार को अपने अवचेतन मस्तिष्क को देता था उसे फेफड़े का कैंसर था! उन्होंने अपनी हस्तलिखित चिट्ठी में अपने द्वारा अपनायी तकनीक के बारे में इस प्रकार मुझे लिखा: “दिन में कई बार मैं अपने को आश्वस्त करता था कि मैं मानसिक और शारीरिक तौर पर पूरी तरह से आराम की स्थिति में हूं। मैं अपने शरीर को निम्न बातें कहने लगा: “मेरे पैर आराम की स्थिति में हैं, मेरे टखने आराम की स्थिति में हैं, मेरे पैर शिथिल हैं, मेरे पेट की मांसपेशियां शिथिल हैं, मेरा दिल और फेफड़े शिथिल हैं, मेरा सर शिथिल है, मेरा पूरा शरीर पूरी तरह से शिथिल है।” पांच मिनट बाद मैं नींद की अवस्था में आ जाता हूं, तब मैं निम्न सत्य को स्वीकारता हूं, “ईश्वर की पूर्णता अब मेरे द्वारा जाहिर हो रही है। एक उत्तम स्वास्थ्य का विचार मेरे अवचेतन मस्तिष्क में भर रहा है। ईश्वर की नजर में मेरी जो छवि है वह उत्तम है और मेरा अवचेतन मस्तिष्क मेरे शरीर को मेरे ईश्वर के मन में बसी मेरी उत्तम छवि के अनुरूप बनाता है।” इस मंत्री का उपचार असाधारण था। यह एक सरल तरीका है, एक उत्तम स्वास्थ्य का विचार अपने अवचेतन मस्तिष्क को देने का दूसरा अद्भुत तरीका स्वस्थ विचार को अपने अवचेतन मस्तिष्क को अनुशासित अथवा वैज्ञानिक कल्पना द्वारा दिया जा सकता है!

मैंने एक व्यक्ति जो क्रियात्मक पक्षाघात से पीड़ित था, उसको अपना एक सजीव चित्र बनाने को कहा, जिसमें वह अपने आफिस में चारों तरफ चल रहा था अपने डेस्क को छूते हुए, फोन पर जवाब देते हुए और वह सभी काम करते हुए, जिन्हें वह ठीक होने की स्थिति में करता। मैंने उसे स्पष्ट किया कि ऐसा विचार और मन में एक स्वस्थ शरीर के चित्र को उसका अवचेतन मन स्वीकारेगा। उसने ऐसा ही किया और वास्तव में उसने अपने को वापस अपने आफिस में महसूस किया। वह समझ गया था कि वह वास्तव में अपने अवचेतन मस्तिष्क को कुछ विशिष्ट करने को कह रहा था। उसका अवचेतन वह फिल्म थी, जिस पर चित्र छपा हुआ था। इस मानसिक तस्वीर के साथ मन की कई सप्ताहों तक की तैयारी के बाद, पहले से तय किये गये प्रोग्राम के अनुसार जब उसकी पत्नी और नर्स नहीं थे, तब टेलिफोन की घंटी बजी। टेलीफोन करीब बारह फुट की दूरी पर था, लेकिन उसने किसी तरह से उसका जवाब नही दिया!

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