अच्छी आदतों को स्वीकार करने पर शिक्षा चर्चा! – SarkariJobHub.Com

अच्छी आदतों को स्वीकार करने पर शिक्षा चर्चा!

बचपन से हममें से ज्यादातर को बहुत से नकारात्मक सुझाव दिये गये हैं। चूंकि हमें पता नहीं उन्हें कैसे नकारा जाय, हम उनको स्वीकार कर लेते हैं। यहां कुछ ऐसे ही नकारात्मक सुझाव हैं; “आप नहीं कर सकते,” “तुम्हारा कुछ नहीं होगा,” “तुम्हें नहीं करना चाहिए।”“तुम फेल हो जाओगे,” “तुम्हारे पास कोई मौका नहीं है,” “सवाल इसका नहीं कि तुम क्या जानते हो, बल्कि इसका कि तुम किसे जानते हो।” “यह दुनिया नर्क में जा रही है,” “क्या फायदा, और कोई परवाह नहीं करता,” “इतनी मेहनत का कोई फायदा नहीं,” “तुम अब बहुत बूढे हो गये हो,” “जिंदगी अंतहीन संघर्ष है,” “प्यार पक्षियों के लिए है।” “तुम सफल हो ही नहीं सकते।” “जल्दी ही तुम दीवालिया हो जाओगे।’ ध्यान रखो, तुम्हें वायरस लग जायेगा।” “तुम किसी पर विश्वास नहीं कर सकते,’ इत्यादि। जब तक एक वयस्क की भांति आप रचनात्मक स्वसुझाव नहीं प्रयोग में लाते जो कि एक अपने को अनुरूप करने की चिकित्सा है, आपके भूतकाल में छोड़े गये छाप अथवा निशान आपके स्वभाव में बदलाव ला सकते हैं, जिनकी वजह से आपके निजी और सामाजिक जीवन में पराजय होती है। स्व सुझाव एक माध्यम है जो आपको नकारात्मक बोले गये शब्दों के ढेर से बाहर निकालेगा अन्यथा यह आपके जीवन की आकृति को खराब कर सकता है, जिससे अच्छी आदतों का विकास कठिन हो सकता है!

किसी भी दिन का अखबार लें और आप दर्जनों ऐसी खबरों को पढेंगे जो हताशा, भय, चिंता और निराशा और आने वाले विनाश के बीज बो सकते हैं यदि यह आपके द्वारा स्वीकार कर लिये गये हों तो यह भय से भरी सोच आपके जीवन जीने की इच्छा को खो सकती है। यह जानते हुए कि आप इन सभी नकारात्मक सुझावों को अस्वीकृत कर सकते हैं, यदि आप अपने अवचेतन मस्तिष्क को रचनात्मक सुझाव दें, इस प्रकार आप इन सभी विनाशकारी विचारों को मात दे सकते हैं। समय-समय पर लोगों द्वारा दिये गये नकारात्मक सुझावों को जांचते रहें। आपको दूसरों द्वारा दिये गये विनाशकारी विषम सुझावों से प्रभावित होने की जरूरत नहीं है!

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